
Trump offers to meet Kim Jong-un, North Korea fires cruise missile in response
सियोल। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन के बीच एक बार फिर तनाव की आहट दिख रही है। जहां ट्रंप ने किम से मुलाकात का प्रस्ताव दिया, वहीं कुछ ही घंटों बाद उत्तर कोरिया ने समुद्र से क्रूज मिसाइल लॉन्च कर दी।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह मिसाइल परीक्षण किम का ट्रंप के प्रस्ताव पर अप्रत्यक्ष “ना” है।
उत्तर कोरिया ने किया क्रूज मिसाइल टेस्ट
उत्तर कोरिया की सरकारी एजेंसी कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (KCNA) ने पुष्टि की कि मंगलवार को पीले सागर (Yellow Sea) में समुद्र से सतह पर मार करने वाली सामरिक क्रूज मिसाइलों का सफल परीक्षण किया गया।
रिपोर्ट के अनुसार, मिसाइल को जहाज-आधारित लॉन्चिंग सिस्टम के लिए उन्नत किया गया था।
यह परीक्षण ऐसे समय हुआ जब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप दक्षिण कोरिया पहुंचने वाले थे और एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (APEC) कार्यक्रमों में हिस्सा लेने की तैयारी कर रहे थे।
ट्रंप का प्रस्ताव और उत्तर कोरिया की चुप्पी
ट्रंप ने अपने एशिया दौरे के दौरान बार-बार कहा कि वे किम जोंग-उन से मुलाकात के इच्छुक हैं। अगर यह बैठक होती है, तो यह पिछले छह सालों में उनकी पहली मुलाकात होगी।
उन्होंने उत्तर कोरिया को “एक परमाणु शक्ति” बताते हुए संकेत दिया कि अमेरिका प्रतिबंधों में ढील को लेकर बातचीत के लिए तैयार हो सकता है। ट्रंप ने यहां तक कहा कि वे अपने एशिया दौरे को बढ़ाकर किम से मिलने को तैयार हैं।
हालांकि बुधवार सुबह तक उत्तर कोरिया की सरकारी मीडिया ने ट्रंप के प्रस्ताव पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी थी।
विशेषज्ञों की राय: मुलाकात की संभावना बेहद कम
क्यूंगनाम विश्वविद्यालय के प्रोफेसर लिम यूल-चुल ने कहा,
“मंगलवार का मिसाइल परीक्षण साफ संकेत है कि किम ने ट्रंप के ‘दृढ़ बैठक प्रस्ताव’ को अस्वीकार कर दिया है। मुझे नहीं लगता कि अब अमेरिका-उत्तर कोरिया की बैठक की संभावना बची है।”
उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर वाशिंगटन परमाणु निरस्त्रीकरण की मांग को छोड़ देता है, तभी किम बातचीत पर विचार कर सकते हैं।
पिछले महीने की संसदीय बैठक में किम ने कहा था कि उत्तर कोरिया किसी भी ‘लेनदेन आधारित वार्ता’ में शामिल नहीं होगा, चाहे अमेरिका प्रतिबंध हटाने की बात ही क्यों न करे।
तनाव की नई लकीर
योनहाप न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर कोरिया फिलहाल दक्षिण कोरिया के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यासों को स्थगित करने जैसे किसी ठोस कदम का इंतजार कर रहा है।
हालांकि प्रोफेसर लिम का मानना है कि जब तक ट्रंप कोरियाई प्रायद्वीप पर मौजूद हैं, तब तक किम और ट्रंप के बीच मुलाकात की संभावना पूरी तरह खत्म नहीं हुई है — लेकिन यह बहुत ही कमज़ोर उम्मीद है।
एक तरफ अमेरिका कूटनीतिक संवाद की कोशिशें कर रहा है, वहीं उत्तर कोरिया सैन्य शक्ति के प्रदर्शन से जवाब दे रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या ट्रंप और किम जोंग-उन के बीच शांति वार्ता का दरवाजा खुलता है या तनाव और बढ़ता है।





