
ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत ने आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान को ऐसा जख्म दिया है, जिसकी टीस उन्हें लंबे समय तक महसूस होती रहेगी। इस ऑपरेशन में भारतीय सेना ने न सिर्फ 100 से अधिक आतंकियों को ढेर किया, बल्कि 9 बड़े आतंकी अड्डों और पाकिस्तानी सैन्य इन्फ्रास्ट्रक्चर को भी तबाह कर दिया।
पहलगाम हमले के बाद एक्शन मोड में भारत
पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने वैश्विक स्तर पर सहयोगी देशों से बातचीत शुरू कर दी थी। भले ही ऑपरेशन सिंदूर की योजना को गोपनीय रखा गया, लेकिन भारत ने स्पष्ट कर दिया था कि इस बार जवाब कड़ा और निर्णायक होगा।
पाकिस्तान को पहले ही चेताया गया था
7 मई 2025 को, डीजीएमओ स्तर पर भारत ने पाकिस्तान को ऑपरेशन सिंदूर की जानकारी दी थी। मिसाइल स्ट्राइक के माध्यम से आतंकी शिविरों पर हमला करने के बाद पाकिस्तान को सूचित किया गया कि भारत ने यह कार्रवाई अपनी रक्षा के अधिकार में की है।
सीजफायर भी भारत की शर्तों पर
9 मई की रात अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और पीएम मोदी के बीच हुई बातचीत के बाद भारत ने सीजफायर पर सहमति जताई, लेकिन पूरी तरह अपनी शर्तों पर। पाकिस्तान की तरफ से अमेरिका के जरिए अपील आने के बाद यह निर्णय लिया गया, परंतु भारत ने स्पष्ट कर दिया कि अब आगे की कोई बातचीत केवल DGMO स्तर पर होगी — न राजनीतिक, न कूटनीतिक।
पाकिस्तान के 8 एयरबेस तबाह
9-10 मई की रात पाकिस्तान ने भारत में 26 स्थानों पर हमला करने की नाकाम कोशिश की, जिसका जवाब भारत ने कई गुना ताकत से दिया। ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान के 8 एयरबेस को निशाना बनाया गया और उन्हें गंभीर नुकसान पहुंचाया गया।
“कोई मध्यस्थता नहीं होगी” – भारत का स्पष्ट रुख
भारत सरकार ने इस पूरे घटनाक्रम के दौरान और बाद में साफ कर दिया कि पाकिस्तान के साथ किसी भी तरह की राजनीतिक या कूटनीतिक बातचीत की कोई संभावना नहीं है। पूरी दुनिया को यह संदेश दे दिया गया है कि भारत अब आतंकवाद पर कोई समझौता नहीं करेगा और किसी की मध्यस्थता स्वीकार नहीं करेगा।
अमेरिका को भी दे दिया गया था स्पष्ट संदेश
पहलगाम हमले के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बातचीत में प्रधानमंत्री मोदी ने कड़ा रुख दिखाते हुए साफ कहा था:
“हम आतंकियों को ज़मीन में मिला देंगे। अगर वहां से गोली चलेगी, तो यहां से गोला चलेगा।”
ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत होते ही बहावलपुर, मुरीदके और मुज़फ्फराबाद में आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया गया।
सेना को खुली छूट
भारतीय सेना को किसी भी प्रकार के उकसावे का जवाब देने की पूरी स्वतंत्रता दी गई है। अब भारत की नीति बिल्कुल स्पष्ट है — आतंकवाद को जड़ से खत्म करना और जवाब देना, शब्दों से नहीं, सीधे कार्रवाई से।
यह है नया भारत — जो हमला नहीं करता, लेकिन जवाब देना जानता है।





