
भोपाल/जबलपुर – मध्य प्रदेश के डिप्टी मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा एक बार फिर अपने बयान को लेकर राजनीतिक विवादों में घिर गए हैं। जबलपुर में आयोजित सिविल डिफेंस वॉलेंटियर्स के प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान देवड़ा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए कहा, “आज पूरा देश, देश की सेना और हमारे सैनिक भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चरणों में नतमस्तक हैं।”
इस बयान को लेकर अब सियासी तूफान खड़ा हो गया है।
कार्यक्रम में दिया गया विवादित बयान
डिप्टी सीएम ने अपने संबोधन में कहा कि पीएम मोदी की नीतियों और फैसलों की वजह से देश की सुरक्षा प्रणाली पहले से ज्यादा मजबूत हुई है। उन्होंने हाल ही में पहलगाम हमले का जिक्र करते हुए कहा कि पीएम मोदी ने उसका जवाब जिस सख्ती से दिया, वह “काबिल-ए-तारीफ” है।
देवड़ा ने कहा, “जो पर्यटक गए थे, उनका धर्म पूछकर मारा गया। महिलाओं और बच्चों को भी नहीं छोड़ा गया। तब से पूरे देश में आक्रोश था, और जब तक उन हमलावरों को जवाब नहीं दिया गया, तब तक चैन की सांस नहीं ली गई।”
इस दौरान कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने प्रधानमंत्री मोदी के समर्थन में तालियां भी बजाईं।
कांग्रेस का विरोध, माफी की मांग
देवड़ा के इस बयान पर विपक्षी दलों, खासकर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस प्रवक्ताओं ने आरोप लगाया कि डिप्टी सीएम ने सेना को राजनीति में घसीटने का प्रयास किया है, जो बेहद आपत्तिजनक है।
पूर्व मंत्री और प्रदेश कांग्रेस मीडिया प्रभारी मुकेश नायक ने कहा,
“उपमुख्यमंत्री कह रहे हैं कि तीनों सेनाएं पीएम मोदी के सामने नतमस्तक हैं। यह किस आधार पर कहा गया? क्या सेना किसी व्यक्ति विशेष के प्रति समर्पित होती है? सेना संविधान और लोकतंत्र की रक्षा करती है। देवड़ा को अपने शब्दों के लिए माफी मांगनी चाहिए।”
राजनीतिक बयान या व्यक्तिगत प्रशंसा?
इस बयान के बाद अब राजनीतिक गलियारों में बहस छिड़ गई है कि क्या कोई संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को सेना के नाम पर ऐसा वक्तव्य देना चाहिए? विशेषज्ञों का मानना है कि सेना को राजनीति से अलग रखा जाना चाहिए, ताकि उसकी गैर-पक्षीय और निष्पक्ष छवि बनी रहे।
जहाँ एक ओर डिप्टी सीएम देवड़ा ने प्रधानमंत्री की निर्णयक्षमता की तारीफ की, वहीं उनकी भाषा ने नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। अब देखना यह होगा कि इस बयान पर बीजेपी का आधिकारिक पक्ष क्या होता है, और क्या डिप्टी सीएम इस पर सफाई देते हैं या नहीं।






