
जिम में जाकर पसीना बहाना, मसल्स बनाना और बेहतर दिखना आज हर किसी का मकसद होता है, लेकिन जिस शरीर को आप फिट करने में जुटे हैं, क्या वो अंदर से भी उतना ही मजबूत है? अक्सर हम वर्कआउट के दौरान वजन, टाइमिंग और कैलोरीज़ पर तो ध्यान देते हैं, लेकिन दिल की धड़कन — जो हमारे शरीर का असली इंजन है — उसे अनदेखा कर देते हैं। हार्टबीट केवल एक संख्या नहीं होती, बल्कि यह बताती है कि हमारी बॉडी किस हद तक एक्सरसाइज को झेल रही है या कहीं ओवरलोड तो नहीं हो रही। अगर आप अपनी हार्टबीट को मॉनिटर करना सीख लें, तो न सिर्फ बेहतर फिटनेस रिज़ल्ट पा सकते हैं, बल्कि दिल से जुड़ी गंभीर बीमारियों से भी खुद को बचा सकते हैं।

जब हम एक्सरसाइज करते हैं, तो हार्ट रेट का बढ़ना एक सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन अगर यह निश्चित सीमा से ऊपर चला जाए, तो शरीर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है जिससे हार्ट अटैक या स्ट्रोक जैसी स्थितियां पैदा हो सकती हैं। इसलिए एक्सरसाइज के दौरान दिल की धड़कनों पर नज़र रखना एक समझदारी भरा कदम है, जो आपकी सेहत और जान दोनों बचा सकता है। उदाहरण के लिए, अगर आपकी उम्र 30 साल है, तो एक्सरसाइज के दौरान आपकी हार्टबीट 114 से 161 बीपीएम (बीट्स पर मिनट) के बीच होनी चाहिए। इससे अधिक होने पर शरीर पर असामान्य दबाव पड़ सकता है। यह जानने के लिए आप स्मार्टवॉच या फिटनेस ट्रैकर का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो आजकल हर किसी के पास होता है और आसानी से आपकी रियल-टाइम हार्ट रेट दिखा सकता है।

कुछ संकेत ऐसे होते हैं जब आपको सतर्क हो जाना चाहिए। अगर बिना ज़्यादा मेहनत के भी आपकी हार्टबीट तेज हो जाए, चक्कर आए, अत्यधिक पसीना आए या सांस फूलने लगे, तो ये सभी शरीर में असंतुलन का संकेत हो सकते हैं। खासकर अगर आपकी हार्ट रेट मैक्सिमम लिमिट के 90% से ज्यादा पहुंच जाए तो तुरंत वर्कआउट रोक देना चाहिए। इसके अलावा, एक स्वस्थ दिल एक्सरसाइज के कुछ ही मिनटों में धीरे-धीरे सामान्य हो जाता है। लेकिन अगर आपकी हार्टबीट लंबे समय तक तेज बनी रहती है, तो ये दर्शाता है कि आपकी बॉडी पर जरूरत से ज्यादा दबाव पड़ा है। ऐसी स्थिति में तुरंत व्यायाम बंद करें और डॉक्टर से सलाह लें।

फिटनेस का मतलब केवल शरीर को बाहर से अच्छा दिखाना नहीं है, बल्कि अंदर से भी मजबूत बनाना जरूरी है। और जब बात दिल की हो, तो थोड़ी सी सावधानी आपकी लंबी उम्र की गारंटी बन सकती है। इसलिए अगली बार जब आप जिम जाएं, तो अपने दिल की भी सुनें — क्योंकि आपकी सेहत की असली धड़कन वही है।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। किसी भी सुझाव को अपनाने से पहले संबंधित डॉक्टर या विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।







