
चीन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का इस्तेमाल अब सिर्फ बड़ी टेक कंपनियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह स्मार्टफोन, टीवी, लैपटॉप और घरेलू उपकरणों तक पहुंच चुका है। चीन की टेक कंपनियां तेजी से अपने प्रोडक्ट्स में एआई को शामिल कर रही हैं, जिससे लोग ज्यादा स्मार्ट और इंटेलिजेंट डिवाइस इस्तेमाल कर रहे हैं।
बड़ी कंपनियों का एआई पर जोर
- स्मार्टफोन कंपनी श्याओमी ने घोषणा की है कि वह 2025 तक अपने कुल रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) बजट का 25% AI प्रोजेक्ट्स पर खर्च करेगी।
- टेक कंपनी ऑनर ने भी एआई टर्मिनल इकोसिस्टम विकसित करने की योजना बनाई है।
- हिसेंस, टीसीएल और स्काईवर्थ जैसी कंपनियां भी अपने टीवी और अन्य डिवाइसेज में AI तकनीक जोड़ रही हैं।
स्मार्ट डिवाइसेज की बढ़ती मांग
ग्लोबल रिसर्च फर्म IDC के अनुसार, 2025 तक चीन में AI-सक्षम डिवाइसेज की बिक्री 20% तक बढ़ने की उम्मीद है। स्मार्टफोन, टैबलेट, लैपटॉप और यहां तक कि एआई वॉयस फीचर वाले टीवी भी तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं।
सरकार का एआई को समर्थन
चीन सरकार भी इस टेक्नोलॉजी को आगे बढ़ाने के लिए बड़े कदम उठा रही है। हाल ही में एक नई AI टर्मिनल इंडस्ट्री डेवेलपमेंट योजना पेश की गई, जिसका लक्ष्य 2026 तक इस सेक्टर को 8 खरब युआन (लगभग 111.52 अरब अमेरिकी डॉलर) तक पहुंचाना है।
एआई से बदलती लाइफस्टाइल
AI अब सिर्फ स्मार्ट डिवाइसेज तक सीमित नहीं है। इसे स्मार्ट शहरों, वित्तीय सेवाओं, प्रशासनिक कामों और बुजुर्गों की देखभाल जैसी सुविधाओं में भी इस्तेमाल किया जा रहा है।
चीन में AI सिर्फ एक ट्रेंड नहीं बल्कि नई टेक्नोलॉजी क्रांति बन चुकी है, जो लोगों की जिंदगी को पूरी तरह बदलने के लिए तैयार है।
(स्रोत: चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)







