
नई दिल्ली: आजकल लोग दिन का बड़ा हिस्सा बैठे-बैठे बिताते हैं—चाहे ऑफिस में लैपटॉप के सामने हों, गाड़ी चला रहे हों या घर पर टीवी देख रहे हों। यह आदत आम लग सकती है, लेकिन धीरे-धीरे यह कई गंभीर बीमारियों की वजह बन सकती है।
आयुर्वेद के अनुसार ज़्यादा बैठना, ज़्यादा सोना और आलस्य शरीर में असंतुलन पैदा करता है। लंबे समय तक बैठे रहने से शरीर में वात दोष बढ़ता है, जिससे खून का प्रवाह कमजोर होता है, पाचन गड़बड़ा जाता है और मानसिक ऊर्जा भी घटती है।
कमर और रीढ़ की समस्या
एक ही जगह लंबे समय तक बैठने से कमर दर्द और रीढ़ पर दबाव बढ़ने लगता है। इससे बचने के लिए हर 30–40 मिनट में उठकर कुछ देर टहलें। रोज़ाना भुजंगासन और शशांकासन करें और तिल के तेल से पीठ व गर्दन की हल्की मालिश करें।
वजन बढ़ना और मेटाबॉलिज्म कमजोर होना
ज़्यादा देर बैठने से पाचन धीमा होता है, शरीर में चर्बी जमा होने लगती है और मोटापा बढ़ता है। सुबह खाली पेट गुनगुने पानी में नींबू और शहद लें और खाने के बाद कम से कम 100 कदम ज़रूर चलें।
ब्लड शुगर और हार्ट डिज़ीज़ का खतरा
बैठे रहने से शरीर में शुगर और कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ सकता है, जिससे डायबिटीज और दिल की बीमारियों का खतरा होता है। हर घंटे कुछ स्ट्रेचिंग करें और खाने में लौकी, मेथी दाना और दालचीनी शामिल करें।
पाचन समस्या
लंबे समय तक बैठने से गैस, कब्ज और पेट फूलने की परेशानी बढ़ती है। ऐसे में भोजन के बाद त्रिफला लेना फायदेमंद होता है।
गर्दन और कंधे में दर्द
कंप्यूटर और मोबाइल पर झुककर बैठने से गर्दन और कंधों में दर्द हो सकता है। इससे बचने के लिए गर्दन स्ट्रेच करें और तिल के तेल से मालिश करें।





