
भारत से सेना के मोर्चे पर शिकस्त खाने के बाद अब पाकिस्तान पानी को लेकर झुकता हुआ नजर आ रहा है। पाकिस्तान सरकार ने 14 मई 2025 को भारत के जल शक्ति मंत्रालय को एक चिट्ठी लिखी, जिसमें सिंधु जल समझौते को फिर से शुरू करने की अपील की गई है।
पानी की किल्लत से परेशान पाकिस्तान
पाकिस्तान के जल संसाधन सचिव सय्यद अली मुर्तज़ा ने चिट्ठी में लिखा है कि भारत द्वारा सिंधु जल संधि को रोके जाने से पाकिस्तान में खरीफ की फसलों के लिए पानी की भारी कमी हो गई है।
गौरतलब है कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने सिंधु जल संधि को स्थगित करने का फैसला लिया था।
पीएम मोदी का सख्त संदेश
हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा था,
“पानी और खून एक साथ नहीं बह सकते।”
उन्होंने चेताया कि पाकिस्तान के आतंकी और सैन्य ठिकानों पर कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
पीएम मोदी ने यह भी कहा, “यह युग युद्ध का नहीं है, लेकिन यह आतंकवाद का युग भी नहीं हो सकता।”
पाकिस्तान की धमकी
पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने 13 मई को कहा कि
“अगर भारत सिंधु जल समझौते को बहाल नहीं करता और पानी को मोड़ने की कोशिश करता है, तो दोनों देशों के बीच संघर्षविराम खतरे में पड़ सकता है।”







