
ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत ने आतंकवाद के खिलाफ जो निर्णायक कार्रवाई की, उसने पाकिस्तान को हिला कर रख दिया। 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में लॉन्च किए गए इस अभियान में भारत ने पाकिस्तान और पीओके के भीतर घुसकर 9 आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया। सबसे बड़ा झटका बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद के मुख्यालय को तबाह करके दिया गया।
भारत का सबसे ताकतवर हथियार बना जैश के खात्मे का औजार
सूत्रों के मुताबिक भारत ने बहावलपुर स्थित जैश-ए-मोहम्मद के ठिकाने को नष्ट करने के लिए अपना सबसे शक्तिशाली हथियार इस्तेमाल किया। माना जा रहा है कि यह हमला न केवल जैश बल्कि उसके संरक्षक ISI (पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी) को सीधा संदेश देने के लिए किया गया था।
हालांकि, आधिकारिक तौर पर इस ब्रह्मास्त्र का नाम उजागर नहीं किया गया है, लेकिन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार (11 मई, 2025) को इशारों में कहा,
“इस बार ब्रह्मोस का इस्तेमाल हुआ… और उसकी धमक रावलपिंडी तक सुनाई दी।”
वायुसेना का मिशन—सटीक और सफल
भारतीय वायुसेना (IAF) ने बयान जारी कर बताया कि उसे जो जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं, उन्हें सटीकता और राष्ट्रीय हितों के अनुरूप सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया।
7 मई को शुरू हुआ यह ऑपरेशन पाकिस्तान और पीओके में स्थित आतंकवादी ढांचों को निशाना बनाने के लिए चलाया गया।
IAF ने यह भी स्पष्ट किया है कि सभी जवाबी कार्रवाइयां “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत ही की गईं और
“ऑपरेशन अभी भी जारी है, विस्तृत जानकारी समय आने पर साझा की जाएगी।”
गलत सूचना और अटकलों से बचने की अपील
भारतीय वायुसेना ने आम जनता और मीडिया से अनावश्यक अटकलों और अपुष्ट खबरों से बचने की अपील की है, ताकि ऑपरेशन की गोपनीयता और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
सीजफायर पर भारत की शर्तें
शनिवार शाम भारत और पाकिस्तान के डीजीएमओ स्तर की बातचीत के बाद स्थल, वायु और समुद्र सीमा पर सभी प्रकार की सैन्य कार्रवाई और गोलीबारी को रोकने पर सहमति बनी।
विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने बताया कि यह निर्णय भारत की रणनीतिक बढ़त और स्पष्ट नीति का नतीजा है।
नया भारत – स्पष्ट, निर्णायक और आक्रामक
ऑपरेशन सिंदूर ने एक बार फिर दिखा दिया है कि नया भारत अब चुप नहीं बैठेगा। आतंकी हमलों का जवाब शब्दों से नहीं, सीधे एक्शन से दिया जाएगा। बहावलपुर में जैश के अड्डे पर किया गया हमला सिर्फ एक कार्रवाई नहीं, बल्कि आतंक और उसके संरक्षकों के लिए एक चेतावनी है।





